RAJASTHAN GK QUESTION ANSWER PART 2



Q.1 राजपूताना की किस एकमात्र रियासत के साथ अंग्रेजो ने बाइबिल को साक्षी मानकर सन्धि की थी -
A. करौली
B. अलवर
C. भरतपुर✔️
D. धौलपुर
Answer (c)

विशेषता:- 18वी सदी में दो बड़ी ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने अंग्रेज सरकार को हिला दिया था। इनमें पहली घटना सन् 1805 में उस समय हुई जब अंग्रेजों को भरतपुर में हार का सामना करना पड़ा। इससे अंग्रेजों को मुंह की खानी पड़ी थी।इसके बाद उन्होंने तत्कालीन रियासत (शासन) के साथ संधि की। देश में यही एक मात्र ऐसी संधि है, जिसमें अंग्रेजों ने बाइबिल को साक्षी मानने का जिक्र किया। ताकि भरतपुर के तत्कालीन शासन को उनकी बात पर भरोसा हो सके। इतिहासकार रामवीर सिंह वर्मा बताते हैं कि उस समय जिन-जिन रियासतों के साथ अंग्रेजों ने संधियां कीं, उनमें कहीं भी बाइबिल को साक्षी मानने का जिक्र नहीं मिलता है। इसी तरह दूसरी घटना भरतपुर रियासत के अधीन अडींग में सन् 1857 की क्रांति के समय हुई थी जब राजपूत आंदोलनकारियों ने अपने हौसले के दम पर अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया था।

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Q2. जयपुर कोगोल्डन बर्ड’(सुनहरा पक्षी) की संज्ञा किसने दी थी -
A. टाॅमस रो
B. रानी विक्टोरिया
C. कर्नल टाॅड
D. एडवर्ड पंचम✔️
Answer (d)

विशेषता:- सवाई रामसिंह द्वितीय के शासनकाल में ब्रिटेन के राजकुमार एडवर्ड पंचम के आगमन के समय जयपुर शहर को 1868 . में गुलाबी रंग से रंगवाया गया, जिसके कारण इसे गुलाबी शहर (पिंकसिटी) के नाम से जाना गया। रामसिंह द्वितीय के शासनकाल में जयपुर के लिए पिंक सिटी शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग ब्रिटिश पत्रकार स्टेनलेरीड ने अपनी पुस्तक रॉयल टूर टू इण्डिया किया तथा भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक सी.वी रमन ने जयपुर को रंगश्री द्वीप की संज्ञा प्रदान की।


Q3. किस शिलालेख मेंविप्रः श्रीवस्तगोत्रेभूत्शब्द का उल्लेख हुआ है -
A. बिजौलिया शिलालेख✔️
B. घोसुण्डी शिलालेख
C. घटियाला शिलालेख
D. मानमोरी शिलालेख
Answer (a)

विशेषता:- बिजोलिया में उपलब्ध लेख संस्कृत भाषा में है। इसमें 13 पद्य हैं। इसमें मन्दिर निर्माण की जानकारी के साथ-साथ सांभर और अजमेर के चौहान वंश के शासकों की उपलब्धियों का भी प्राचीन उल्लेख किया गया है। इस लेख की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें चौहानों के लिए विप्रः श्रीवत्सगोत्रेभूत अंकन हुआ है, जिसके आधार पर डॉ. दशरथ शर्मा ने चौहानों को ब्राह्मण वंश की संतान सिद्ध किया है। कायम ख़ाँ रासो तथा चन्द्रावती के लेख भी चौहानों को ब्राह्मण वंशीय लिखते हैं।

Q4. मुहणोत नैणसी कोराजस्थान का अबुल फजलकिसने कहा -
A.  गोपीनाथ शर्मा
B. दशरथ शर्मा
C. मुंशी देवीप्रसाद✔️
D. गौरीशंकर हीरानन्द ओझा
Answer (C)

विशेषता:- मशी देवी प्रसाद ने नैणसी को राजपूताने का अबुल फजल कहा है। इन्होंने दो महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना कि थी। एक का नाम ‘‘मुंहणोत नैणसी री ख्यात’’ और दूसरे का नाम ‘‘मारवाड़ रा परगना री विगत’’ है। यह दोनों इतिहास के स्त्रोत में विशिष्ट महत्व रखते है। नैणसी का ‘‘मारवाड़ रा परगना री विगत’’ राजस्थान की ऐतिहासिक-सांख्यिकी अर्थात् गजेटीयर है। इसमें गावों और परगनों की उत्पति के साथ-साथ उनके ऐतिहासिक-भूगोल का हवाला प्रदान कर नैणसी ने ‘‘विगत का महत्वपूर्ण सूचना-स्त्रोत के रूप में प्रतिष्ठित किया है। इसीलिये इसे ‘‘गांवा री ख्यात’’ भी पुकारा जाता है।

Q5. ‘अपोलोडोट्सका सिक्का किस पुरातत्विक स्थल से मिला है -
A. बैराठ
Bरैढ✔️
C. नलियासर
D. सुनारी
Answer (B)    

विशेषता:- टोंक जिले में स्थित रेढ की सभ्यता से लगभग 3075 चांदी के पंच मार्क सिक्के मिले हैं  जो एक ही स्थान से मिले सिक्कों की सबसे बड़ी संख्या है। लौहे के भण्डार प्राप्त हुए हैं। इस कारण इसेप्राचीन भारत का टाटानगरकहा जाता है।

Q6. किस जनजाति में मृत व्यक्ति के स्मारक पर बनी मूर्ति कोआगडकहा जाता है -
A. भील✔️
B. मीणा
C. गरासिया
D. सहरिया
Answer (A)

Q7. महाराणा सांगा की पत्नी कर्मावती द्वारा निर्मित महलअधूरा स्वप्नकिस दुर्ग में स्थित है -
A. मांडलगढ़ दुर्ग
B. कुम्भलगढ़ दुर्ग
C. चित्तौड़गढ़ दुर्ग
D. रणथम्भौर दुर्ग✔️
Answer (d)

अधूरा स्वप्नरानी कर्मावती द्वारा रणथम्भौर के किले में निर्मित भवन। पुष्पक भवनहम्मीर द्वारा अपनी मालवा विजय की स्मृति में इस दुर्ग के भीतर इस तीन मंजिले भवन का निर्माण करवाया था।

Q8. अकबर की बन्दूक का नाम क्या था, जिससे अकबर ने चित्तोड़ दुर्ग रक्षक जयमल को घायल किया -
A. संग्राम✔️
B. बीठली
C. बिजली
D. हुंकार
Answer (A)

विशेषता:- अकबर की सेना ने जब चित्तोड़ पर आक्रमण किया तो,उदयसिंह चित्तोड़ की रक्षा का भार सेनापति जयमल राठौड़ वीर फत्ता सिसोदिया के उपर छोड़ कुछ कारणवश जंगलों में चले गए, ओर अकबर की सेना करीब 8 महिनों तक किले में प्रवेश करने में असफल रहे,1568 में जयमल राठौड़ को रात में किले की मरम्मत करते समय संग्राम नामक बंदूक से गोली लगने से घायल हो गए,ये दिन में युद्ध करतें रातों-रात किले के की दिवारो को युद्ध से टूट जाने पर दुरस्त कर दते थे। जब इन्हें लगा अब हमें अन्तिम लड़ाई लड़नी है या तो जीत या हार,तो जयमल फत्ता के नेतृत्व में राजपूतों ने केसरिया किया तथा फत्ता की पत्नी फूलकंवर के नेतृत्व में चित्तोड़ की महिलाओं ने जोहर किया,यह मेवाड़ का तृतीय वर्ष अन्तिम साका था,इस युद्ध में जयमल राठौड़ घायल हो गए फिर भी वह अपने भतिजे वीर कल्ला जी राठौड़ के कंधे पर सवार होकर अंतिम समय तक लड़ते रहे,वीर कल्ला जी को चार हाथो वाला देवता की उपाधि मिली,इस युद्ध में अकबर सेनापति जयमल राठौड़ वीर फत्ता सिसोदिया की वीरता से खुश होकर आगरा किले के बाहर गजारूढ मुर्ति बनवाने का आदेश देते हैं, जिन्होने राजा की अनुपस्थिति में राष्ट्र की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान किया।

Q9. किस बूंदी नरेश ने अपने जीवन काल में ही अपनी स्वर्ण प्रतिमा बनवाकर उसका दाह संस्कार करवा दिया था -
A. राव बुद्धसिंह
B. राव बरसिंह
C. राव उम्मेदसिंह✔️
D. राव भावसिंह
Answer (C)

Q10. सांभर झील से बनने वाले नमक को सुश्रुत संहिता में किस नाम से सम्बोधित किया गया -
A. सांभरी
B. रोमक✔️
C. लवण
D. रचक